आज का गीत गुरु ग्रन्थ साहिब से एक शबद कीर्तन है |
तू ठाकुर तुम पे अरदास*
जियो पिंड सब तेरी रास**
तुम मात-पिता हम बारक तेरे
तुमरी कृपा में सुख घनेरे | तू ठाकुर ......
कोई न जाने तुमरा अंत
ऊँचे ते ऊँचा भगवंत | तू ठाकुर ....
सगल समग्री तुमरे सूत्र धारी
तुम पे होए सो आज्ञाकारी | तू ठाकुर .......
तुमरी गत मीत तुम्ही जानी
नानक दास सदा कुर्बानी | तू ठाकुर ........
* अरदास : प्रार्थना
** जियो पिंड सब तेरी रास : शरीर और आत्मा सभी तेरी संपत्ति है